Published on: March 26, 2025
By: [BTI]
Location: [Rajnandgaon, Chhattisgarh]
इको-फ्रेंडली प्लास्टिक का सफल निर्माण, पर्यावरण संरक्षण में अहम कदम
छत्तीसगढ़ के दिग्विजय स्वशासी महाविद्यालय के वनस्पति शास्त्र एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग के एम.एस.सी. विद्यार्थियों ने बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक का निर्माण किया है, जिसमें एंटी-माइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद हैं। इस परियोजना को सहायक प्राध्यापक डॉ. केशव राम आडिल के पर्यवेक्षण में पूरा किया गया है।
पौधों से निर्मित बायोप्लास्टिक: सुरक्षित और टिकाऊ
डॉ. आडिल और उनकी टीम ने शैवाल से प्राप्त पॉलीसैकेराइड और सब्जियों के उपोत्पाद का उपयोग कर यह बायोप्लास्टिक तैयार किया है। यह पर्यावरण के लिए संपूर्ण रूप से जैविक और सुरक्षित है।
बायोप्लास्टिक की विशेषताएं:
- 100% बायोडिग्रेडेबल: यह प्लास्टिक मिट्टी में आसानी से घुल जाता है और जैव उर्वरक के रूप में कार्य करता है।
- एंटी-माइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण: यह हानिकारक सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकता है।
- पर्यावरण अनुकूल: यह पारंपरिक पेट्रोलियम-आधारित प्लास्टिक का सुरक्षित विकल्प है।
मौजूदा प्लास्टिक से जुड़े जोखिम
डॉ. आडिल ने बताया, “वर्तमान में उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक पेट्रोलियम आधारित होते हैं, जो माइक्रोप्लास्टिक और नैनोप्लास्टिक के रूप में पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। हमारी टीम द्वारा विकसित बायोप्लास्टिक इस समस्या का समाधान प्रदान कर सकता है।”
इस बायोप्लास्टिक के संभावित उपयोग
इस नवाचार से कई क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं:
- खाद्य पैकेजिंग: सूखे खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग के लिए उपयुक्त।
- कृषि क्षेत्र: बायोडिग्रेडेबल कृषि कवर के रूप में उपयोगी।
- जैव चिकित्सा: सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल चिकित्सा उपकरण निर्माण में मददगार।
महाविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुचित्रा गुप्ता ने इस उपलब्धि के लिए डॉ. आडिल और उनकी रिसर्च टीम को बधाई दी और कहा,
वनस्पति शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता महिस्वर ने भी इस उपलब्धि की सराहना की और टीम को इस नवाचार को व्यावसायिक रूप से विकसित करने का सुझाव दिया।
रिसर्च टीम के प्रमुख सदस्य
- शोध निर्देशक: डॉ. केशव राम आडिल
- शोध छात्र: नितेश कुमार
- एम.एस.सी. अंतिम सेमेस्टर छात्र: शीतल देवांगन, हिमांचल वर्मा
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. यह बायोप्लास्टिक कैसे काम करता है?
इस बायोप्लास्टिक को शैवाल से प्राप्त पॉलीसैकेराइड और सब्जियों के उपोत्पादों से बनाया गया है, जो मिट्टी में पूरी तरह घुलकर जैव उर्वरक में बदल जाता है।
2. क्या यह प्लास्टिक पर्यावरण के लिए सुरक्षित है?
हां, यह पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल है और कोई हानिकारक रसायन नहीं छोड़ता।
3. इस बायोप्लास्टिक का उपयोग कहां किया जा सकता है?
यह खाद्य पैकेजिंग, कृषि, और जैव चिकित्सा क्षेत्रों में प्रभावी रूप से उपयोग किया जा सकता है।