Published on: March 25, 2025
By: [BTI]
Location: Rajnandgaon, Chhattisgarh
राजनांदगांव: कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज का होली मिलन समारोह रविवार को ढोल-मंजीरे की थाप और बैसवारी फाग गायन के साथ हर्षोल्लास से संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में प्रख्यात पर्यावरणविद् डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी को अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पुरस्कृत होने पर शाल, श्रीफल एवं स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
पारंपरिक फाग गायन से सजी संगीतमय शाम
इस समारोह का आयोजन स्थानीय सामाजिक भवन में किया गया, जिसमें राजनांदगांव, बांधा बाजार एवं अंबागढ़ चौकी से आए विप्रजनों ने पारंपरिक फाग गायन में भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों ने मां सरस्वती की वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया।
प्रमुख आयोजक:
- डॉ. अरूण शंकर दीक्षित
- ऋषि कुमार तिवारी
- प्रकाश शुक्ला
- प्रो. आर. पी. दीक्षित
- डॉ. सूर्यप्रकाश द्विवेदी
- विष्णु दत्त तिवारी
- करूणा शंकर तिवारी
- अध्यक्ष प्रदीप मिश्रा
- सचिव अजय शुक्ला
- उमाकांत बाजपेयी
पं. विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने की घोषणा
समारोह के दौरान समाज के प्रतिष्ठित सदस्य पं. विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने की घोषणा की गई। इस खबर पर समाज के सदस्यों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उन्हें बधाई दी।
होली मिलन की मुख्य झलकियाँ:
- संस्कृति एवं परंपरा का संगम: ढोल-मंजीरे की थाप पर पारंपरिक बैसवारी फाग गायन।
- सम्मान समारोह: डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी का अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि के लिए सम्मान।
- ज्ञानपीठ सम्मान: पं. विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने पर खुशी।
- विप्रजनों की भागीदारी: समाज के कई गणमान्य सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
FAQ
कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज का होली मिलन कब और कहाँ आयोजित हुआ?
यह समारोह रविवार को राजनांदगांव स्थित स्थानीय सामाजिक भवन में आयोजित किया गया।
डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी को किस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया?
उन्हें अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पुरस्कृत होने पर शाल, श्रीफल एवं स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में किस प्रकार की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हुईं?
विप्रजनों ने ढोल-मंजीरे की थाप पर बैसवारी फाग गायन किया, जो देर शाम तक चलता रहा।