एनटीपीसी लारा ने वित्त वर्ष 2024-25 में 90.24% प्लांट लोड फैक्टर (PLF) के साथ 12,648.02 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया। यह लारा जैसे नए संयंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। संयंत्र की 800 मेगावाट इकाई-II बिना किसी बॉयलर ट्यूब लीकेज के 350 दिनों से अधिक समय तक लगातार संचालित रही, जो एक उल्लेखनीय प्रदर्शन है। एनटीपीसी लारा राष्ट्र को निर्बाध, विश्वसनीय और किफायती बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी सामुदायिक विकास गतिविधियों में भी योगदान दे रहा है।
भारत का सहकारी आंदोलन एक नए युग की ओर बढ़ रहा है, जिसे सहयोग मंत्रालय और सहकारी विश्वविद्यालय के नेतृत्व में मजबूती मिल रही है। मंत्रालय की नीतिगत सुधारों, डिजिटल पारदर्शिता और नई बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों की स्थापना के माध्यम से सहकारी क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) को सशक्त बनाने, बहु-राज्यीय सहकारी समितियों के विकास, और विकेन्द्रीकृत भंडारण योजनाओं जैसी पहलों ने इस क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाए हैं। साथ ही, इफको (IFFCO) के नैनो उर्वरकों जैसे नवाचारों ने कृषि क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाई है। त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय सहकारी शिक्षा और नेतृत्व विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत के सहकारी आंदोलन को आधुनिक बनाने में सहायक होगा।